रविवार, 3 जुलाई 2011

रूठ गए मेरे मेघ


रूठ  गए मेरे मेघ ,शायद मेघ क्रिकेट खिलाडी की तरह हे जैसे क्रिकेट खिलाडी कोई मैच में अच्छा खेलता हे तो सभी ओसकी तारीफ़ करते हे और दुसरे मैच में वह खिलाडी बहुत ख़राब खेलता हे ,  वैसे ही मेघो की जरा सी तारीफ क्या की की मेघ तो न जाने कहा चले गए कहा बरस रहे हे, इसकी कोई खबर हे , बेचारे किसानो ने अच्छी फसल के आने की उम्मीद में बिज बो दिया , जो सब बेकार गया , नई- नई बीमारिया पनप रही हे l  हम मेघो से फिर से प्रार्थ्रना करते हे मेघ फिर से जल्दी   बरसे ,,अगर मेघ जल्दी नहीं बरसे तो पहले से महगाई के मारे पिस रहा आम आदमी के लिए पहाड़ टूट जायेंगा क्योंकि खाने पिने और रोजमर्रा के उपयोग में आने वाली वस्तुओ के दामो में भारी वृद्धि होने के पुरे पुरे आसार दिखाई दे रहे हे, गुजरात, महाराष्ट्र, आँध्रप्रदेश ,कर्नाटक ,मध्यप्रदेश , तमिलनाडु, केरला, में विशेष कर खाने पिने की वस्तुए पैदा होती हे ,और इन्ही प्रदेशो में मेघ रूठे हुए हे ,किसानो और अन्य सामाजिक संगठनो से अनुरोध हे कीपुराणी मान्यताओ के अनुसार  मेघो को मानाने के लिए भगवन शिव की आरधना में महारुद्र या  लघुरुद्र यज्ञ करवाए जिससे सभी लोगो का भला हो सके , हाँ इसमें गौर करने वाली इक बात आज समाचरपत्रो में पड़ने को मिली बड़ा आश्चर्य हुआ की हिंदुस्तान के कृषि मंत्री आदरनीय शरद पावर ने खा की कहाँ हे महंगाई ,,, पवार साहेब जरा क्रिकेट जगत से अलग हट कर अपने ही पार्टी कर्यकर्ता के गाँव में जाकर किसी झोपडी में रात गुजार कर देखी फिर मालूम होंगा उस आम कार्यकर्ता के घर वालो के दर्द का एहसास , शक्कर एक्सपोर्ट, प्याज एक्सपोर्ट , शक्कर ३४.रूपये किलो ,खाने का तेल ८० रूपये किलो, दाल ५०.रूपये किलो, गेहू २५ रूपये किलो, माचिस २रुप्ये नग ,केरोसिन ४०रुप्ये लीटर ,दूध ३५ रूपये लीटर ,चावल ३५ रूपये किलो. साबुन १५रुप्ये नग खोपरा तेल ९०रुप्ये किलो ,कोयला ३० रूपये किलो ,पानी दूषित , अगर अच्छा पानी लेना हे तो १५ रूपये की बोतल , चना ४० रूपये किलो, सब्जियो के भाव घर या अपने गुमास्ता से पूछो, फिर मालूम पड़ेंगा की महंगाई कहा हे,क्रपया  अपनी जिम्मेदारी से भागे नहीं,   ty चन्दन गोस्वामी

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